Sonbhdara news:सोनभद्र खदान हादसे में तबाही का मंजर: मलबे से निकले 4 और शव, मौत का आंकड़ा 5 पर पहुँचा
मालिक फरार—NDRF–SDRF की टीमें रातभर मशीनों की गड़गड़ाहट के बीच चलाती रहीं रेस्क्यू
सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_
बिल्ली मारकुंडी खदान हादसे में सोमवार दोपहर एक और भयावह सच सामने आया, जब मलबे के ढेर से 4 और मजदूरों के शव बरामद किए गए। इसके साथ ही इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। भारी चट्टानों, मिट्टी और खनन अवशेषों के बीच राहत दलों को शवों तक पहुँचने में लगभग 36 घंटे की मशक्कत करनी पड़ी।
जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने पुष्टि की है कि रातभर चले अभियान में जिन मृतकों को निकाला गया है, उनकी पहचान इंद्रजीत (30), संतोष (30), रवींद्र (18), राम खेलावन (32) और कृपाशंकर के रूप में हुई है। रविवार को राजू सिंह (30) का शव बरामद हुआ था।
पहाड़ी दरकी, खदान धंस गई… मजदूरों की चीखें मलबे में दबी रह गईं
शनिवार शाम खदान में अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। देखते-ही-देखते पूरा खदान परिसर धूल और मलबे से ढँक गया। कई मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे कुछ ही सेकंड में भारी चट्टानों के नीचे दब गए।
खदान मालिक समेत 3 पर मुकदमा, गिरफ्तारी को पुलिस लगी छापेमारी में
एसपी अभिषेक वर्मा के अनुसार हादसे के बाद ‘कृष्णा माइनिंग वर्क्स’ के मालिक समेत तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस ने विशेष टीमों को लगाया है, जो लगातार छापेमारी कर रही हैं।
NDRF–SDRF की रातभर की जंग — बड़े पत्थरों को काटकर निकाले शव
अंधेरी रात, पहाड़ जैसे मलबे और लगातार गिरती चट्टानों के बीच NDRF और SDRF के जवानों ने जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
बड़े पत्थरों को काटने के लिए भारी मशीनें लगाई गईं, तब जाकर 5 मजदूरों के शव सोमवार को निकाले जा सके।
जवानों ने बताया कि खदान का आकार और मिट्टी की नमी रेस्क्यू को बेहद चुनौतीपूर्ण बना रही थी, लेकिन लगातार कोशिशें जारी रहीं।
गाँवों में पसरा मातम, परिवारों में कोहराम
एक साथ 5 शव आने से बिल्ली मारकुंडी, ओबरा और आसपास के गाँवों में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने खदानों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।




